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अंटार्कटिका के पौधों ने वार्मिंग के प्रति दिखाई अलग-अलग प्रतिक्रिया

सात साल के लंबे अध्ययन में अंटार्कटिका के दो मूल पौधों ने बढ़ती गर्मी के प्रति बिल्कुल विपरीत तरीके से प्रतिक्रिया दी। यह शोध जलवायु परिवर्तन के तहत पौधों की अनुकूली क्षमता को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

LSN India · 5 October 2026

अंटार्कटिका के पौधों ने वार्मिंग के प्रति दिखाई अलग-अलग प्रतिक्रिया

किंग जॉर्ज आइलैंड पर किए गए एक व्यापक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि अंटार्कटिका के दोनों मूल पुष्पधारी पौधों ने दीर्घकालीन तापमान वृद्धि के प्रति बिल्कुल अलग रणनीति अपनाई है। यह अध्ययन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

अंटार्कटिक हेयरग्रास ने सात वर्षीय वार्मिंग की अवधि में प्रतिकूल प्रतिक्रिया दिखाई। प्राकृतिक परिस्थितियों की तुलना में इस पौधे में हाइड्रॉलिक चालकता और प्रकाश संश्लेषण दोनों में गिरावट देखी गई। इसका अर्थ है कि यह पौधा बदलती जलवायु के अनुकूल होने में सक्षम नहीं हो सका।

इसके विपरीत, अंटार्कटिक पर्लवर्ट ने काफी सकारात्मक अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया। इस पौधे में हाइड्रॉलिक चालकता और प्रकाश संश्लेषण क्षमता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह बढ़ती गर्मी के अनुकूल हो सका।

शोधकर्ताओं का मानना है कि ये निष्कर्ष जलवायु परिवर्तन के तहत विभिन्न प्रजातियों की भिन्न-भिन्न प्रतिक्रिया प्रणालियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति पौधों की प्रजातिगत प्रतिक्रियाओं का विस्तृत अध्ययन भविष्य में जैव विविधता संरक्षण के लिए आवश्यक है।