Politics · India Bureau
DMK नेता के ₹634 करोड़ नौकरी घोटाले मामले में DVAC का छापेमारी अभियान
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और DMK के वरिष्ठ नेता केएन नेहरू से जुड़े नौकरी-के-बदले-नकद घोटाले की जांच में प्रवर्तन एजेंसी ने राज्य भर में 25 स्थानों पर छापेमारी शुरू की है।
LSN India ·

तमिलनाडु के डिप्टी वेलोर जिले से संबंधित पूर्व विधायक के खिलाफ विभिन्न आरोपों की पड़ताल करते हुए DVAC (Directorate of Vigilance and Anti-Corruption) ने एक व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई ₹634 करोड़ की विशाल नकद रिश्वत के आरोपों से जुड़े एक चल रहे मामले का हिस्सा है।
यह जांच नौकरी के बदले नकद रिश्वत देने के एक संगठित घोटाले को लेकर की जा रही है। DMK के प्रभावशाली नेता केएन नेहरू, जो पूर्व में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं, इस मामले के केंद्र में हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले में सार्वजनिक सेवाओं में अवैध नियुक्तियां और इससे जुड़ी भ्रष्टाचार की एक श्रृंखला शामिल है।
DVAC की टीम तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में फैले 25 स्थानों पर समन्वित छापेमारी कर रही है। इन छापेमारी का उद्देश्य घोटाले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाना है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जांच में कई सरकारी अधिकारी और निजी व्यक्तियों की संभावित भूमिका के संकेत मिले हैं।
इस मामले में DVAC की कार्रवाई सार्वजनिक सेवा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच की प्रगति और आने वाले दिनों में किए जाने वाले कदमों पर सभी की नजर रहेगी।