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बांग्लादेश में भारत विरोधी सुर तेज, गंगा जल को लेकर तनाव
बांग्लादेश में आर्थिक मुश्किलों के बीच भारत विरोधी राजनीतिक बयानबाजी फिर से गहरी हो गई है। जल बंटवारे के मुद्दे को केंद्र में रखकर विपक्षी नेताओं ने भारत को चेतावनियां दी हैं।
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ढाका - बांग्लादेश में भारत विरोधी राजनीतिक अभिव्यक्ति पुनः तीव्र हुई है। फरवरी में संपन्न हुए चुनावों के बाद कुछ समय के लिए इस तरह की बयानबाजी में कमी आई थी, लेकिन वर्तमान में यह फिर से सार्वजनिक भाषणों और प्रदर्शनों में सुनाई दे रही है।
बांग्लादेशी विपक्षी दल नेशनल पार्टी ऑफ बांग्लादेश (एनपीपी) के प्रमुख नाहिद इस्लाम ने गंगा नदी के जल बंटवारे को लेकर भारत को कड़ी चेतावनी दी है। इस्लाम ने कहा कि यदि जल साझेदारी पर मतभेद रहता है तो पारगमन सुविधा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने 'पानी नहीं तो ट्रांजिट नहीं' का नारा दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश के वर्तमान आर्थिक संकट के बीच भारत विरोधी राजनीति एक बार फिर मजबूत हुई है। देश की आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ घरेलू असंतोष को भारत की ओर मोड़ना एक पारंपरिक राजनीतिक रणनीति बन गई है।
गंगा जल बंटवारा भारत-बांग्लादेश संबंधों का एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। दोनों देशों के बीच इस पर कई समझौते हुए हैं, लेकिन शुष्क मौसम में जल की कमी को लेकर बांग्लादेश की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं।