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झोटा का PGI में पोस्टमार्टम, परिवार को 2 करोड़ मुआवजा और नौकरी का आश्वासन
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ के PGI में किया जाएगा। इस समझौते के साथ 22 दिन का आंदोलन समाप्त हो गया है।
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पंजाब सरकार ने मानसा के सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के मामले में परिवार के साथ समझौता कर लिया है। सरकार ने झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा प्रदान करने का निर्णय लिया है। साथ ही, झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी का आश्वासन भी दिया गया है।
झोटा का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) में किया जाएगा। यह फैसला परिवार के लंबे आंदोलन के बाद लिया गया है, जो पिछले 22 दिनों से चल रहा था।
झोटा नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे थे और स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे पर जनजागरूकता फैला रहे थे। उनकी अचानक मृत्यु से परिवार और स्थानीय समुदाय में आक्रोश व्याप्त था।
यह समझौता झोटा के परिवार के दावों और सरकार के बीच हुए विस्तारित वार्ता के परिणाम स्वरूप संपन्न हुआ। सरकार का यह कदम नशे के विरुद्ध संघर्ष में झूझने वाले कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाता है।