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साझा सुविधाओं पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकते मकान मालिक
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि जिन क्रेताओं ने पंजीकृत विक्रय पत्रों में साझा सुविधाओं के लिए सहमति दी है, वे बाद में उन पर एकाधिकार नहीं दावा कर सकते।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि अपार्टमेंट खरीदने वाले मालिक साझा सुविधाओं पर एकाधिकार अधिकार स्थापित नहीं कर सकते, यदि वे विक्रय पत्र पर साझा उपयोग के लिए पहले से सहमत हो चुके हैं।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि जब क्रेता पंजीकृत विक्रय विलेख पर हस्ताक्षर करते हैं, जिसमें सामान्य सुविधाओं के साझा उपयोग की शर्तें स्पष्ट रूप से निहित हों, तो वे बाद में इन शर्तों को चुनौती नहीं दे सकते। यह निर्णय अपार्टमेंट परिसरों में बढ़ते विवादों को लेकर दिया गया है।
कोर्ट का यह आदेश आवासीय परिसरों में साझा सुविधाओं जैसे स्विमिंग पूल, जिम, पार्किंग और बागों के प्रबंधन से संबंधित विवादों में महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है। न्यायालय ने कहा कि पंजीकृत दस्तावेज़ कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं और खरीदार उन शर्तों से मुक्त नहीं हो सकते, जिनके लिए उन्होंने स्वेच्छा से सहमति दी थी।
यह निर्णय अपार्टमेंट व्यवस्थापन मामलों में स्पष्टता लाता है और सह-स्वामित्व की अवधारणा को मजबूत करता है। न्यायालय ने जोर दिया कि सामान्य संपत्ति पर सभी मालिकों का समान अधिकार होता है और कोई भी व्यक्तिगत रूप से इन्हें अपने एकाधिकार के अधीन नहीं कर सकता।