Business · India Bureau
अपोलो पाइप्स का शेयर 52 हफ्ते के न्यूनतम से 163% बढ़ा
अपोलो पाइप्स के प्रबंधन को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बाकी समय में मजबूत रिकवरी की उम्मीद है। वाराणसी संयंत्र के संचालन, मानसून के बाद की मांग और पीवीसी राल की कीमतों में स्थिरता इसका कारण होगी।
LSN India ·

अपोलो पाइप्स का शेयर मूल्य पिछले 52 हफ्तों में अपने सबसे निचले स्तर से 163 प्रतिशत की तेजी से बढ़ा है। यह उछाल कंपनी के प्रबंधन की मजबूत रिकवरी की योजनाओं से जुड़ा है। कंपनी के नेतृत्व का मानना है कि आने वाले महीनों में विभिन्न कारकों से वृद्धि को गति मिलेगी।
वाराणसी में स्थित नए उत्पादन संयंत्र के पूरी क्षमता से संचालन की उम्मीद कंपनी की रणनीति का केंद्रबिंदु है। इस संयंत्र से मांग को पूरा करने की क्षमता बढ़ने के साथ ही राजस्व में भी वृद्धि संभावित है। साथ ही, मानसून के मौसम के बाद आने वाली अवधि में निर्माण और अवसंरचना क्षेत्र में पारंपरिक रूप से पाइपिंग उत्पादों की मांग में वृद्धि देखी जाती है।
कच्चे माल की कीमतों का मुद्दा भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण रहा है। पीवीसी राल, जो पाइप उत्पादन में प्रमुख कच्चा माल है, की कीमतों में स्थिरता आने से कंपनी की लागत नियंत्रण में आसानी होगी। यह कारक सीधे तौर पर कंपनी के लाभ मार्जिन को प्रभावित करता है।
इन विकासों को देखते हुए, बाजार विश्लेषकों और निवेशकों की अपोलो पाइप्स के प्रदर्शन पर गहरी नजर बनी हुई है। आने वाले त्रैमासिक परिणाम इन दावों की पुष्टि करेंगे या नहीं, यह देखना बाकी है।