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टिम कुक के बाद एपल की कमान संभालना जॉन टेर्नस के लिए चुनौतीपूर्ण
एपल के पूर्व सीईओ टिम कुक के 15 साल के कार्यकाल में कंपनी का बाजार मूल्य 350 अरब डॉलर से बढ़कर 4.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। नए नेतृत्व के लिए यह विरासत आगे बढ़ाना एक दुरूह कार्य होगा।
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एपल के नेतृत्व में बदलाव के साथ ही कंपनी के नए सीईओ जॉन टेर्नस को एक असाधारण विरासत संभालने का दायित्व मिला है। टिम कुक के 15 वर्षीय कार्यकाल में एपल के शेयरों में 2,275 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो तकनीकी जगत में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
जब कुक ने 2011 में एपल की कमान संभाली थी, तब कंपनी का बाजार पूंजीकरण 350 अरब डॉलर से कम था। उनके नेतृत्व में एपल न केवल विश्व की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बनी, बल्कि 4.6 ट्रिलियन डॉलर के बाजार मूल्य तक पहुंची। इस अवधि में कुक ने आईफोन, आईपैड और सर्विसेज जैसे खंडों को मजबूत किया।
टेर्नस को यह दायित्व दिया गया है कि वह इसी गति से एपल के विकास को आगे बढ़ाएं। प्रौद्योगिकी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियां उनके सामने नई बाधाएं खड़ी करेंगी।
कुक की सफलता का एक बड़ा कारण उनकी ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट की दक्षता और ग्राहक-केंद्रित विकास रणनीति रही है। टेर्नस को अब न केवल इन नीतियों को बनाए रखना होगा, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उदीयमान तकनीकों में अपना निवेश बढ़ाना होगा। आने वाले समय में एपल के शेयर प्रदर्शन और कंपनी की नई दिशा पर सभी की नजरें रहेंगी।