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अरणमुला नाव दौड़ उपराष्ट्रपति के अनुसार केरल की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अरणमुला जल उत्सव को केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया है। उन्होंने परंपरागत कलाओं और शिल्पों को संरक्षित एवं संवर्धित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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केरल की ऐतिहासिक अरणमुला जल उत्सव को लेकर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डाला है। उन्होंने इस परंपरागत नाव दौड़ को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक बताया है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
राधाकृष्णन ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखना और उसे आगामी पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।
उपराष्ट्रपति ने परंपरागत कलाओं और शिल्पकौशल को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, ये परंपरागत विधाएं न केवल सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखती हैं बल्कि स्थानीय समुदायों के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अरणमुला जल उत्सव केरल की बोट रेसिंग परंपरा की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें लकड़ी की परंपरागत नावों की भागीदारी होती है और यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करता है।