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सेबी की छूट के बाद भी आर्बिट्रेज फंड्स में उत्साह नहीं
भारतीय प्रतिभूति बोर्ड (सेबी) ने कैश एग्रीसिव स्ट्रेटेजी (सीएएस) एक्सपोजर के लिए एक प्रतिशत की छूट दी है। इसके बावजूद, तीन ट्रिलियन रुपये की श्रेणी वाले आर्बिट्रेज फंड्स में भाग लेने की दिलचस्पी अभी तक नहीं बढ़ी है।
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सेबी द्वारा पारित नई नियामक व्यवस्था के अनुसार, आर्बिट्रेज फंड्स को कैश एग्रीसिव स्ट्रेटेजी में अपने एक्सपोजर को बढ़ाने की अनुमति दी गई है। यह कदम भारत के बड़े म्यूचुअल फंड सेगमेंट में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया था।
हालांकि, नई छूट के प्रावधान के बाद भी म्यूचुअल फंड्स की ओर से इस दिशा में कोई खास उत्साह देखने को नहीं मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि फंड मैनेजरों के लिए इस नए विकल्प को अपनाना अभी भी आकर्षक नहीं साबित हो रहा है।
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि नई व्यवस्था के प्रति इस उदासीनता के पीछे कई कारण हो सकते हैं। संभवतः जोखिम और रिटर्न का संतुलन अभी भी निवेशकों और फंड प्रबंधकों को पर्याप्त आकर्षक नहीं लग रहा है। वर्तमान बाजार परिस्थितियों में आर्बिट्रेज फंड्स के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
सेबी द्वारा दिए गए इस नियामक लाभ के बावजूद, तीन ट्रिलियन रुपये की कुल संपत्ति वाले इस फंड श्रेणी में तत्काल परिवर्तन की संभावना कम दिख रही है। भविष्य में बाजार की गतिविधियों और नई परिस्थितियों के आधार पर ही इस रुझान में बदलाव आ सकता है।