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कृत्रिम मिठास से मधुमेह और चयापचय रोग का खतरा बढ़ता है: अध्ययन

नए शोध में कृत्रिम मिठास के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम सामने आए हैं। विशेषज्ञ इन पदार्थों के हानिकारक प्रभावों और स्वास्थ्यकर विकल्पों की ओर ध्यान दिला रहे हैं।

LSN India · 18 August 2026

नवीन वैज्ञानिक अध्ययन में चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं कि कृत्रिम मिठास का अधिक सेवन मधुमेह और चयापचय संबंधी विकारों का जोखिम बढ़ाता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि नियमित रूप से कृत्रिम मिठास युक्त पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में ये स्वास्थ्य समस्याएं विकसित होने की संभावना अधिक रहती है।

अध्ययन में कई तंत्र चिन्हित किए गए हैं जिनके माध्यम से कृत्रिम मिठास शरीर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। ये पदार्थ शरीर के चयापचय प्रक्रिया को बाधित करते हैं और रक्त शर्करा नियंत्रण को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दीर्घकालीन सेवन से इंसुलिन प्रतिरोध विकसित हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कृत्रिम मिठास से बचने और स्वाभाविक विकल्पों की ओर रुख करने की सलाह दे रहे हैं। फल, शहद और गुड़ जैसे प्राकृतिक मिठास के स्रोत अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। साथ ही, समग्र आहार में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है।

यह अध्ययन उन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो वजन कम करने या रक्त शर्करा नियंत्रित करने के लिए कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों का विकल्प चुनते हैं। विशेषज्ञ सुझाते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेते समय दीर्घकालीन परिणामों पर ध्यान देना चाहिए।