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2027 तक एशिया को महंगाई का दबाव झेलना पड़ेगा: एशियाई विकास बैंक
एशियाई विकास बैंक ने चेतावनी दी है कि इरान और यमन में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। इसके साथ ही यूक्रेन पर रूस के हमले से अनाज के निर्यात पर असर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में महंगाई का दबाव बना रहेगा।
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एशिया को आने वाले वर्षों में कीमतों के दबाव का सामना करना पड़ेगा। इस बात की जानकारी एशियाई विकास बैंक ने दी है। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान इसके प्रमुख कारण बन गए हैं।
मध्य पूर्व में इरान और यमन में लड़ाई के कारण कच्चे तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में गंभीर कमी आई है। साथ ही, यूक्रेन पर रूस के सैन्य अभियान के कारण वैश्विक अनाज बाजार में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। ये दोनों ही कारक खाद्य और ईंधन कीमतों में वृद्धि का कारण बन रहे हैं।
ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतें मुद्रास्फीति के मुख्य चालक हैं। एशियाई अर्थव्यवस्थाएं इन वस्तुओं पर अत्यधिक निर्भर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उपभोक्ताओं को महंगाई का दबाव सहना पड़ रहा है।
बैंक के अनुमान के अनुसार, ये समस्याएं 2027 तक बनी रहने की संभावना है। क्षेत्रीय सरकारों को इन चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित नीतिगत उपाय अपनाने होंगे। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करने के प्रयास जारी रखना आवश्यक है।