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एशियाई बाजारों में मिली-जुली प्रवृत्ति, निक्केई में उछाल जारी
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में विपरीत रुझान देखे जा रहे हैं क्योंकि निवेशक ट्रंप-शी वार्ता और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक जोखिमों पर नजर रखे हुए हैं। तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जो मुद्रास्फीति दबाव की संभावना बनाए रखती हैं।
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एशियाई बाजारों में आज अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई सूचकांक बढ़ोतरी का नेतृत्व कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 सूचकांक गिरावट के साथ संघर्ष कर रहा है।
वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, विशेषकर संयुक्त राज्य और चीन के बीच व्यापार संबंधों को लेकर। इसके अलावा, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव विश्वव्यापी आर्थिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर रहे हैं।
ऊर्जा बाजार में तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट कच्चे तेल में मामूली गिरावट देखी जा रही है, जो $106.04 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। यह कीमत स्तर महंगाई के दबाव को बनाए रखता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका संभावित प्रभाव बना रहता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भू-राजनीतिक विकास ही एशियाई शेयर बाजारों की दिशा निर्धारित करेंगे।