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अमेरिकी दर वृद्धि के बाद एशियाई बाजारों में उछाल, निक्केई और कोस्पी में तेजी
तेल की कीमतों में गिरावट के बीच एशियाई शेयर बाजारों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। फेडरल रिजर्व की दर बढ़ोतरी के बाद वॉल स्ट्रीट के नुकसान के विपरीत, जापान और दक्षिण कोरिया के सूचकांकों में वृद्धि दर्ज की गई।
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एशियाई बाजारों ने बुधवार को मजबूती दिखाई है, जब अमेरिकी संघीय रिजर्व ने अपनी मुख्य उधार दरें 25 आधार अंक बढ़ाने की घोषणा की। यह वर्ष 2023 के बाद पहली दर वृद्धि थी। अमेरिका में इस निर्णय के बाद वॉल स्ट्रीट को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, लेकिन एशिया के प्रमुख बाजारों ने इसके विपरीत सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई।
जापान का निक्केई सूचकांक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट इस सकारात्मक रुझान का एक प्रमुख कारण है। सस्ते तेल की कीमतें एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं।
अमेरिकी दरों में बढ़ोतरी के बाद आर्थिक मंदी की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, एशियाई निवेशकों ने इस कदम को मुद्रास्फीति नियंत्रण के एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है। क्षेत्रीय बाजारों में खरीदारी की गतिविधि बनी हुई है।
वर्तमान बाजार रुझान बताते हैं कि एशिया पश्चिमी बाजारों की तुलना में अधिक लचीलापन प्रदर्शन कर रहा है। निवेशकों की रुचि प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता शेयरों में केंद्रित है। आने वाले हफ्तों में आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित रहेगा।