Business · India Bureau
एआई खर्च की चिंता से एशियाई बाजारों में गिरावट, दक्षिण कोरिया का सूचकांक 8% टूटा
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर खर्च और अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच दक्षिण कोरिया के KOSPI सूचकांक में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई सूचकांक भी 6 प्रतिशत की गिरावट का सामना कर रहा है।
LSN India ·

एशियाई शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली देखी गई, जिससे क्षेत्रीय निवेशकों के लिए गंभीर चिंता की स्थिति बन गई। दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक KOSPI में इतनी तेजी से गिरावट आई कि सूचकांक में सर्किट ब्रेकर ट्रिगर हो गया, जो बाजार में पड़ी सनसनी को दर्शाता है।
जापान के निक्केई 225 सूचकांक में भी महत्वपूर्ण नुकसान दर्ज किए गए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में बढ़ते निवेश को लेकर उत्पन्न चिंताएं और अमेरिका में राजनीतिक अनिश्चितता ने बाजारों में नकारात्मक भाव पैदा किया है।
इस गिरावट से पता चलता है कि वैश्विक बाजारें परस्पर जुड़े हुए हैं और अमेरिकी बाजारों में आई मंदी का सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ रहा है। निवेशक बड़ी तकनीकी कंपनियों में एआई निवेश की स्थिरता को लेकर संदेह व्यक्त कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बिकवाली का दौर तब तक जारी रह सकता है जब तक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्पष्ट न हो जाएं। एशियाई बाजारों में कारोबार करने वाले निवेशकों को आने वाले समय में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।