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असम ने अमूर बाज़ों के आश्रय स्थलों के पास ड्रोन संचालन पर प्रतिबंध लगाया
असम सरकार ने प्रवासी शिकारी पक्षियों के समूहों के पास ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाई है। यह कदम सोशल मीडिया कंटेंट के लिए ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने वाले रचनाकारों और पर्यटकों की बढ़ती गतिविधि के बाद उठाया गया है।
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असम प्रशासन ने अमूर बाज़ों के प्रमुख आश्रय स्थलों के निकट ड्रोन संचालन पर एक व्यापक प्रतिबंध घोषित किया है। यह निर्देश प्रवासी रैप्टर पक्षियों की बड़ी संख्या में एकत्रित होने वाली जनसंख्या के संरक्षण के लिए जारी किया गया है।
अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंटेंट निर्माता और आगंतुक इन दुर्लभ प्रवासी पक्षियों के समूहों के अत्यंत करीब से ड्रोन उड़ा रहे हैं। इस गतिविधि का प्राथमिक उद्देश्य फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक कंटेंट साझा करना है।
वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन की गतिविधि इन संवेदनशील प्रवासी पक्षियों के लिए तनाव और व्यवधान का कारण बन सकती है। अमूर बाज़ें साइबेरिया से भारत आने वाले प्रमुख प्रवासी रैप्टर हैं, और उनकी सुरक्षा पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
नई नीति के तहत, अमूर बाज़ों के ज्ञात आश्रय स्थलों के आसपास एक सुरक्षा क्षेत्र की स्थापना की गई है, जहां ड्रोन संचालन प्रतिबंधित है। असम सरकार ने इस प्रतिबंध का पालन न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत लिया गया है और इसका उद्देश्य दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करना है।