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असम उपचुनाव में भोजन को लेकर राजनीतिक जंग छिड़ी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद राकिबुल हुसैन के बीच बिरयानी और पुलाव को लेकर तीखी बहस चल रही है। चुनाव अभियान में भोजन को केंद्रीय मुद्दा बना दिया गया है।
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असम के आसन्न उपचुनाव में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां प्रमुख नेता खान-पान संबंधी मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर तीव्र टिप्पणियां कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस के सांसद राकिबुल हुसैन बिरयानी, पुलाव, चिकन और सूखी मछली जैसे खाद्य पदार्थों को लेकर आपस में संघर्ष कर रहे हैं।
यह शब्दों का युद्ध अभियान के बीच सांस्कृतिक और क्षेत्रीय संवेदनशीलताओं को छेड़ने का संकेत प्रतीत होता है। दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों को जुटाने के लिए भोजन और संस्कृति को राजनीतिक हथियार के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
उपचुनाव के प्रचार में आर्थिक और शासन संबंधी मुद्दों की जगह खान-पान को प्रमुख स्थान देने से चुनाव प्रक्रिया में एक अलग ही पहलू सामने आया है। इस तरह की रणनीति क्षेत्रीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव को लेकर मतदाताओं की भावनाओं को जागृत करने का प्रयास लगता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी बहसें अंतत: मुख्य विकास संबंधी मुद्दों से ध्यान हटाती हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए अपने मतदाताओं को गोलबंद करने का एक सशक्त माध्यम साबित होती हैं।