Politics · India Bureau
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फंड मैनेजरों ने Yes Bank बॉन्ड में निवेश रोका
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट और निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने AT1 बॉन्ड लेखन-बंद के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के असर का आकलन करने के लिए ताजे निवेश पर रोक लगाई है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट के Yes Bank AT1 बॉन्ड लेखन-बंद के मामले में दिए गए महत्वपूर्ण फैसले के बाद प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सावधानीपूर्वक रुख अपनाया है। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट और निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने इस बॉन्ड खंड में नए निवेश को स्थगित कर दिया है।
यह कदम अदालत के 2020 में किए गए AT1 बॉन्ड लेखन-बंद के फैसले को पलटने के निर्णय के बाद उठाया गया है। फंड मैनेजरों का मानना है कि इस फैसले से न केवल Yes Bank के लिए बल्कि समूची बैंकिंग सेक्टर में ऋणपत्रों के मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है।
इस प्रकार के निवेश में जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए फंड हाउस वर्तमान में गहन विश्लेषण कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनिश्चितता की स्थिति में निवेशकों की ओर से भी सावधानी बरती जाएगी।
अन्य एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से भी ऐसी ही प्रतिक्रिया की संभावना है क्योंकि Yes Bank के AT1 बॉन्ड में किए गए निवेश की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए हैं। आने वाले समय में बाजार में इस निर्णय का व्यापक असर दिखाई दे सकता है।