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पितृपक्ष में छत डलवाना वर्जित नहीं, ज्योतिषविदों का स्पष्ट मत
धार्मिक विद्वान स्पष्ट करते हैं कि पितृपक्ष के दौरान घर की छत या लेंटर का निर्माण कार्य करने से कोई धार्मिक दोष नहीं लगता है। श्राद्धकाल में निर्माण कार्य को लेकर मौजूद भ्रांतियों का यह खंडन किया गया है।
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पितृपक्ष के दौरान मकान निर्माण को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए धार्मिक विद्वानों ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में छत या लेंटर डलवाने में कोई दोष नहीं होता है। शास्त्रों के ज्ञाताओं का कहना है कि यह धारणा महज एक गलतफहमी है और लोग इसी भ्रम में जीते रहते हैं।
विद्वानों के अनुसार, निर्माण कार्य को लेकर एकमात्र प्रतिबंध पंचक अवधि में है। पंचक नक्षत्र के दौरान किसी भी निर्माण कार्य को रोकने की सलाह दी जाती है, लेकिन पितृपक्ष के साधारण दिनों में घर बनाने या मरम्मत करने से कोई पितृ दोष नहीं लगता है।
इस संबंध में धार्मिक गणना के जानकारों का मत है कि यदि किसी के लिए घर निर्माण का कार्य चल रहा है तो श्राद्धकाल में पितृ दोष के भय से इसे रोकना सर्वथा अनुचित है। आवश्यक निर्माण कार्य को जारी रखने में कोई बाधा नहीं है, बशर्ते वह पंचक नक्षत्र के समय न हो।
शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष का महत्व पूर्वजों को श्रद्धा और समर्पण के साथ याद करने में निहित है। यह अवधि आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है, किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि जीवन के अन्य आवश्यक कार्यों को रोक दिया जाए। विद्वानों का सुझाव है कि सामान्य ज्ञान और शास्त्रीय निर्देशों को समझकर ही किसी भी धार्मिक नियम को माना जाना चाहिए।