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ऑस्ट्रेलिया ने सोने की खान को ऊर्जा भंडारण केंद्र में बदला
ऑस्ट्रेलिया एक पूर्व सोने की खान को पंप्ड-हाइड्रो ऊर्जा प्रणाली में रूपांतरित कर रहा है। यह सुविधा 2,000 मेगावाट-घंटे की भंडारण क्षमता के साथ दो गड्ढों का उपयोग करेगी।
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ऑस्ट्रेलिया नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। देश एक परित्यक्त सोने की खान को अत्याधुनिक पंप्ड-हाइड्रो इलेक्ट्रिक सुविधा में परिवर्तित कर रहा है। यह परियोजना बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण की दिशा में एक नई दिशा दर्शाती है।
इस प्रणाली में दो विद्यमान खदान गड्ढों का उपयोग किया जाएगा, जो कुल 2,000 मेगावाट-घंटे की भंडारण क्षमता प्रदान करेंगे। पंप्ड-हाइड्रो तकनीक में दो जलाशयों के बीच पानी को आगे-पीछे पंप किया जाता है, जिससे ऊर्जा को विद्युत के रूप में संग्रहीत और जरूरत पड़ने पर उत्पन्न किया जा सकता है।
यह परियोजना ऑस्ट्रेलिया की अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पूर्व खनन स्थलों का पुनः उपयोग न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि पूंजी लागत को भी कम करता है। पंप्ड-हाइड्रो सुविधाएं सौर और पवन ऊर्जा की परिवर्तनशीलता को संतुलित करने में सहायक होती हैं।
ऊर्जा भंडारण बुनियादी ढांचे में यह निवेश ऑस्ट्रेलिया को कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ने में मदद करेगा। देश वर्तमान में बड़ी भंडारण क्षमता के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन को सफल बनाने के लिए आवश्यक है।