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पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में बंद कोयला खदान झील में बदली, पर्यटन का नया केंद्र बना
1997 में बंद की गई एक कोयला खदान को 30 अरब लीटर पानी से भरकर कृत्रिम झील में तब्दील कर दिया गया। यह परिवर्तन औद्योगिक भूमि के पुनरुपयोग का एक सफल उदाहरण है।
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पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कोली शहर के पास स्थित लेक केपवारी का निर्माण एक पूर्व कोयला खदान की 103 हेक्टेयर की विशाल खाली जगह को भरकर किया गया है। 1997 में बंद की गई इस खदान को एक बहुउद्देश्यीय झील में रूपांतरित करने का यह प्रकल्प क्षेत्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
झील को भरने के लिए कोली नदी की दक्षिणी शाखा से पानी मोड़ा गया, जिससे कुल 30 अरब लीटर पानी संचित किया जा सका। इस परियोजना को पूरा करने में जल प्रबंधन, अवसंरचना विकास और व्यापक योजना बनाने में कई साल का समय लगा।
आज लेक केपवारी एक प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। झील में आने वाले आगंतुक तैराकी, नौका विहार, कैंपिंग और विभिन्न जल क्रीड़ाओं का आनंद ले सकते हैं। यह परिवर्तन दर्शाता है कि कैसे औद्योगिक भूमि को समुचित योजना और निवेश के माध्यम से पर्यटन और सामुदायिक लाभ के केंद्र में परिणत किया जा सकता है।
लेक केपवारी की सफलता स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और क्षेत्र में रोजगार सृजन का माध्यम बनी है। इसी तरह के परियोजनाएं अन्य देशों के लिए औद्योगिक स्थलों के पुनरुद्धार के लिए एक मॉडल प्रदान करती हैं।