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जल के डीएनए से वैज्ञानिकों को मिले लुप्त ऑस्ट्रेलियाई मेंढक
क्रीक के पानी में पाए गए डीएनए के विश्लेषण से शोधकर्ताओं ने उन मेंढकों का संकेत खोजा है जिन्हें विलुप्त माना जा रहा था। यह खोज जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के अध्ययन में एक नया तरीका साबित हो रहा है।
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ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों को नदी और क्रीक के पानी में जीवों के डीएनए अंश की जांच से कुछ दुर्लभ और लुप्त माने जाने वाले मेंढकों की मौजूदगी का सबूत मिला है। यह पद्धति पर्यावरण डीएनए विश्लेषण पर आधारित है, जिसमें जल के नमूनों से जीवों के आनुवंशिक अवशेष निकाले जाते हैं।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार ये मेंढक कई दशकों से देखे नहीं गए थे और शोधकर्ता उन्हें विलुप्त प्रजाति मानते आ रहे थे। पानी के नमूनों से मिला डीएनए साक्ष्य इस बात का संकेत देता है कि ये प्रजातियां अभी भी प्राकृतिक आवास में जीवित हो सकती हैं।
यह खोज जैव विविधता संरक्षण और लुप्तप्राय प्रजातियों की खोज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास है। पर्यावरण डीएनए विश्लेषण पारंपरिक सर्वेक्षण विधियों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहा है क्योंकि यह दुर्गम इलाकों में भी जीवों की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में अन्य लुप्तप्राय जलीय और स्थलीय प्रजातियों को खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।