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ऑस्ट्रेलियाई शहद से एंटीबायोटिक प्रतिरोध से लड़ने की उम्मीद
सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि बिना डंक वाली मधुमक्खियों के शहद में जीवाणु और फंगल संक्रमण से लड़ने की शक्ति है। यह खोज चिकित्सा विज्ञान में नई संभावनाएं खोलती है।
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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों की एक टीम मधुमक्खियों के शहद के औषधीय गुणों की जांच कर रही है। विशेष रूप से, शोधकर्ता शहद की उन किस्मों का अध्ययन कर रहे हैं जो बिना डंक वाली मधुमक्खियों से प्राप्त होती हैं।
प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि यह शहद विभिन्न प्रकार के जीवाणु और फंगल रोगजनकों के विरुद्ध प्रभावी है। विशेष रूप से, इस शहद ने उन कठिन संक्रमणों के विरुद्ध भी प्रभावशीलता दिखाई है जो पारंपरिक उपचार के प्रति प्रतिरोधी साबित हुए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि शुगरबैग शहद की शक्ति चिकित्सा-स्तरीय शहद के समान या उससे अधिक है।
इस शोध में प्रोपोलिस का भी परीक्षण किया गया, जिसने चयनात्मक रोगाणुरोधी गतिविधि प्रदर्शित की। हालांकि, वैज्ञानिकों को अभी तक शहद की इस असाधारण क्षमता के पीछे के कारणों का पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है।
आगामी अध्ययनों में शहद के भीतर मौजूद उन विशेष यौगिकों की पहचान की जाएगी जो इसे इतना प्रभावी बनाते हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, और इस तरह की प्राकृतिक चिकित्सा विधियों की खोज चिकित्सा विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।