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पायलटों की मानसिक स्थिति जांच के लिए सिर्फ प्रयोगशाला परीक्षण काफी नहीं

विमान चालकों की मानसिक फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए केवल चिकित्सा जांच पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए व्यापक मूल्यांकन प्रणाली की जरूरत है।

LSN India · 20 October 2026

पायलटों की मानसिक स्थिति जांच के लिए सिर्फ प्रयोगशाला परीक्षण काफी नहीं

विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का तर्क है कि पायलटों की मानसिक स्वास्थ्य की जांच केवल प्रयोगशाला आधारित परीक्षणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उड़ान भरने से पहले पायलटों की मानसिक स्थिति का आकलन करना वायु परिवहन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

मौजूदा समय में अधिकांश देशों में पायलटों की फिटनेस जांच केवल शारीरिक परीक्षा और रक्त जांच तक सीमित है। हालांकि, विमानन विशेषज्ञों का मत है कि मानसिक स्वास्थ्य, तनाव स्तर, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक संतुलन जैसे पहलुओं का गहन मूल्यांकन आवश्यक है। ये कारक किसी पायलट की निर्णय क्षमता और संकट में तुरंत प्रतिक्रिया देने की योग्यता को प्रभावित करते हैं।

मनोवैज्ञानिक परीक्षण, साक्षात्कार और प्रशिक्षण सिमुलेटर में प्रदर्शन आकलन जैसे अधिक व्यापक तरीके पायलटों की वास्तविक मानसिक स्थिति का बेहतर संकेत प्रदान कर सकते हैं। विमानन नियामक संस्थाओं को पायलटों के लिए अधिक कठोर और बहुआयामी मानसिक स्वास्थ्य मानदंड स्थापित करने पर विचार करना चाहिए।

विमानन दुर्घटनाओं की जांच में कई मामलों में पायलट के मानसिक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत समस्याएं प्रमुख कारक के रूप में उभरी हैं। इसलिए विमान सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए पायलटों की मानसिक जांच प्रक्रिया को और अधिक कठोर और व्यापक बनाने की आवश्यकता है।