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बजाज फाइनेंस पर ब्रोकरों का सकारात्मक दृष्टिकोण, नियामक जोखिम के बावजूद
बजाज फाइनेंस की दूसरी तिमाही में मुनाफा 29 प्रतिशत बढ़कर 6,370 करोड़ रुपये पर पहुंचा है। मजबूत ऋण वृद्धि और बेहतर एएमयू दिशानिर्देशों के बीच ब्रोकरेज हाउस कंपनी के प्रति आशावादी बने हुए हैं।
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बजाज फाइनेंस की वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों ने प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों को आश्वस्त किया है। कंपनी के शुद्ध मुनाफा में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो एक मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। वित्तीय पेशेवरों का मानना है कि ऋण पोर्टफोलियो में तेजी और प्रबंधन के तहत संपत्तियों (एएमयू) में सकारात्मक मार्गदर्शन कंपनी की वृद्धि की गति को बनाए रखने का संकेत देता है।
बहरहाल, ब्रोकर्स ने कुछ अंतर्निहित जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है। नियामकीय दबाव और मुनाफे के मार्जिन में संभावित संकुचन को लेकर बाजार में चिंता दिखी है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से आने वाली नीतियों में किसी भी बदलाव से उधार कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है।
इसके बावजूद, विश्लेषकों का मत है कि बजाज फाइनेंस की बुनियादी ताकत और विविध ऋण पोर्टफोलियो अल्पकालीन चुनौतियों को सँभालने के लिए पर्याप्त हैं। कंपनी की ऋण वितरण क्षमता और डिजिटल प्रौद्योगिकी में निवेश दीर्घकालिक संवृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।