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भारत मंडपम में बालाघाट का चिन्नौर चावल पाया अंतरराष्ट्रीय पहचान
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल ने विदेशी मेहमानों को मुग्ध किया। इस मंच ने स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजार में अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करने का अवसर दिया।
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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का प्रसिद्ध चिन्नौर चावल नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी खुशबू और गुणवत्ता के लिए सराहा गया। भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग से सम्मानित इस चावल की किस्म ने विदेशी प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया और भारतीय कृषि उत्पादों की बेहतरी को रेखांकित किया।
चिन्नौर चावल की खासियत इसके सूक्ष्म स्वाद, सुगंध और पकाने के बाद के बेहतरीन गुणों में निहित है। बालाघाट के किसान पीढ़ियों से इसी किस्म की खेती करते आए हैं, जो इस क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के लिए विशेष रूप से अनुकूल है। जीआई टैग मिलने से इस पारंपरिक कृषि उत्पाद को वैधानिक सुरक्षा मिली है।
भारत मंडपम में आयोजित इस मंच ने भारतीय किसानों को वैश्विक दर्शकों के सामने अपनी कृषि धरोहर को प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चिन्नौर चावल की उपस्थिति से स्थानीय किसानों को निर्यात और बेहतर मूल्य प्राप्ति की संभावनाएं बढ़ीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पाद भारतीय किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। चिन्नौर चावल का यह अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति क्षेत्रीय कृषि को बढ़ावा देने और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने का प्रयास है।