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बॉल लाइटिंग के नाम पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है गलत जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चमकते विद्युत गोलों के वीडियो वायरल हो रहे हैं जिन्हें दुर्लभ बॉल लाइटिंग घटना बताया जा रहा है। हालांकि, इनमें से अधिकांश वीडियो संपादित या पूरी तरह जाली साबित हो रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर नियमित रूप से ऐसे वीडियो साझा किए जाते हैं जिनमें आसमान या जमीन पर चलता हुआ चमकदार बिजली का गोला दिखता है। इन वीडियो को बॉल लाइटिंग नामक प्राकृतिक घटना बताकर वायरल किया जाता है। लेकिन तकनीकी विश्लेषण से पता चलता है कि इनमें से अधिकांश सामग्री डिजिटल संपादन के माध्यम से बनाई गई है या पूर्णतः काल्पनिक है।
बॉल लाइटिंग वास्तव में एक दुर्लभ विद्युत घटना है जो गरज के बादलों के दौरान कभी-कभार देखी जाती है। इस प्राकृतिक घटना में एक चमकदार गोलाकार आकार होता है जो कुछ सेकंड तक दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों द्वारा इसके बारे में अभी भी अधूरी समझ है क्योंकि इसे प्रयोगशाला में पुनः निर्माण करना अत्यंत कठिन है।
सोशल मीडिया यूजरों को सलाह दी जाती है कि ऐसे वीडियो साझा करने से पहले उनकी विश्वसनीयता जांचें। विश्वसनीय विज्ञान स्रोतों से जानकारी लेना चाहिए और अप्रमाणित वीडियो को प्रचारित नहीं करना चाहिए। यह भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने का एक प्रभावी तरीका है।