Politics · India Bureau
विदेशी मुद्रा जमा योजना से बैंकों को 5 साल में 5 लाख करोड़ रुपये का लाभ
भारतीय स्टेट बैंक के शोध के अनुसार, एफसीएनआर(बी) योजना के तहत 127 अरब डॉलर की जमा राशि से बैंकों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिल सकता है। आने वाले पांच वर्षों में यह योजना अतिरिक्त बैंक ऋण और करोड़ों रुपये का लाभांश दोनों को बढ़ावा देने की क्षमता रखती है।
LSN India ·

विदेशी मुद्रा अनिवासी जमा योजना (एफसीएनआर-बी) से भारतीय बैंकों को आने वाले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का नाममात्र लाभ होने का अनुमान है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुसंधान विभाग के विश्लेषण में यह महत्वपूर्ण संभावना उजागर की गई है।
यह योजना विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों को विदेशी मुद्रा में जमा करने की सुविधा देती है। एसबीआई के शोध के अनुसार, 127 अरब डॉलर की जमा राशि देश की बैंकिंग प्रणाली में 25 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त ऋण सुविधा प्रदान करने में सहायक हो सकती है।
यह बढ़ी हुई ऋण क्षमता भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वृद्धि को गति प्रदान कर सकती है। एफसीएनआर(बी) जमा योजना विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण साधन भी साबित हुई है।
शोध में प्रस्तुत आंकड़े भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के विस्तार और राजस्व वृद्धि की संभावनाओं को रेखांकित करते हैं। एसबीआई का यह विश्लेषण भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत देता है और विदेशी पूंजी आकर्षण की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।