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आरबीआई के फॉरेक्स डेरिवेटिव नियम से बैंकों की तरलता की चिंता

आरबीआई के नए 20 प्रतिशत रिजर्व नियम से बैंकों को रुपये की तरलता प्रभावित होने की आशंका है। फेडाई ने क्रियान्वयन और अनुपालन में स्पष्टता मांगी है।

LSN India · 12 October 2026

आरबीआई के फॉरेक्स डेरिवेटिव नियम से बैंकों की तरलता की चिंता

भारतीय रिजर्व बैंक के नए फॉरेक्स डेरिवेटिव नियम को लेकर बैंकिंग सेक्टर में चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित 20 प्रतिशत रिजर्व आवश्यकता से बैंकों की रुपये की तरलता पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस नियम के तहत कुछ विशेष फॉरेक्स डेरिवेटिव पर अतिरिक्त भंडार रखना होगा, जिससे बैंकों के पास नकदी कम हो सकती है।

भारतीय विदेशी मुद्रा डीलर्स एसोसिएशन (फेडाई) ने इस नीति के बारे में आरबीआई से विस्तृत स्पष्टता की मांग की है। संगठन ने क्रियान्वयन की प्रक्रिया और अनुपालन संबंधी दिशानिर्देशों को स्पष्ट करने के लिए केंद्रीय बैंक से संपर्क किया है। फेडाई का मानना है कि नीति के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए बैंकों को पर्याप्त समय और संसाधन दिए जाने चाहिए।

बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम बाजार में तरलता को सीमित कर सकता है और डेरिवेटिव उत्पादों की कीमत को प्रभावित कर सकता है। छोटे और मध्यम बैंकों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई को इस नीति के व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तार से विचार करना चाहिए।