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गौडी की शताब्दी से पहले सग्राडा फैमिलिया को मिला 24 टन का 'गोंद उपचार'
बार्सिलोना के प्रसिद्ध सग्राडा फैमिलिया चर्च को आधुनिक तकनीक और विशेष चिपकने वाले पदार्थों की मदद से नई ऊंचाई दी जा रही है। पत्थर और स्टील को जोड़ने वाली इस अभूतपूर्व निर्माण परियोजना में डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग हो रहा है।
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बार्सिलोना के प्रतिष्ठित सग्राडा फैमिलिया बेसिलिका में चल रही पुनर्निर्माण परियोजना में एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। विश्व के सबसे ऊंचे चर्च के रूप में इसकी स्थापना के लिए लगभग 24 टन के विशेष आसंजक पदार्थ का प्रयोग किया जा रहा है, जो पत्थर और इस्पात को एकजुट करने में सक्षम है।
इस निर्माण कार्य में अत्याधुनिक डिजिटल मॉडलिंग तकनीकों और स्थान से बाहर प्रीफैब्रिकेशन पद्धति को अपनाया गया है। ये आधुनिक तरीके निर्माण प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में सहायक साबित हो रहे हैं। इस पद्धति से एंटोनी गौडी की इस कालजयी वास्तुकला को संरक्षित रखते हुए उसे आगे बढ़ाना संभव हो गया है।
चर्च के निर्माण क्षेत्र में नमकीनता और भूमिगत कंपन जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन कठिन परिस्थितियों के बाद भी निर्माण दल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ा रहा है। विशेष रूप से तैयार किए गए आसंजक घटक इन प्राकृतिक बाधाओं को पार करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
यह परियोजना समकालीन वास्तुकला में नवाचार, सहयोग और तकनीकी दक्षता का एक जीवंत उदाहरण बन गई है। गौडी की शताब्दी समारोह की तैयारी के बीच यह निर्माण कार्य विश्व के निर्माण इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।