World · India Bureau
जौ का आटा: पोषण से भरपूर, घर पर बनाना आसान
जौ को आयुर्वेद में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके आटे से बनी रोटी और अन्य खाद्य पदार्थ स्वाद और पोषण दोनों में उत्कृष्ट होते हैं।
LSN India ·

जौ भारतीय खाद्य संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। इसमें मौजूद विटामिन, खनिज और फाइबर शरीर के समग्र विकास में सहायक होते हैं। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में जौ को कई बीमारियों के निवारण के लिए प्रयोग किया जाता है।
जौ के आटे का उपयोग विविध व्यंजन तैयार करने में किया जा सकता है। इससे बनी रोटी, चीला, ब्रेड और पैनकेक न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि पारंपरिक गेहूं के आटे से बनी डिशों की तुलना में भिन्न और पौष्टिक होते हैं। विभिन्न व्यंजनों में इसका समावेश करने से परिवार का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
घर पर जौ का शुद्ध आटा बनाना अत्यंत सरल प्रक्रिया है। सर्वप्रथम उच्च गुणवत्ता के जौ के दानों को चुनकर उन्हें धोया जाना चाहिए। इसके पश्चात दानों को पूर्णतः सूखा लेना जरूरी है। सूखे हुए जौ को मिक्सर ग्राइंडर में डालकर महीन आटे का रूप दिया जा सकता है। तैयार आटे को किसी पारदर्शी बर्तन में रखकर ठंडे स्थान पर संरक्षित किया जाना चाहिए।
इस प्रकार घर पर तैयार किया गया जौ का आटा रासायनिक मिलावट से मुक्त और पूर्णतः प्राकृतिक होता है। नियमित उपयोग से इसके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। आजकल स्वास्थ्य जागरूक परिवारों में इसका प्रचलन बढ़ता जा रहा है।