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बस्तर: सुरक्षा परिसर अब आदिवासी छात्रों का शिक्षा केंद्र
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 15 साल पुराने CRPF-ITBP कैंप को आदिवासी बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय में तब्दील किया गया है। यह परिसर अब 150 से अधिक आदिवासी छात्रों को शिक्षा का मंच प्रदान कर रहा है।
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छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। भाटपाल में स्थित सुरक्षा परिसर, जो पिछले डेढ़ दशक से नक्सलवाद विरोधी अभियानों का केंद्र रहा है, अब शिक्षा के माध्यम से स्थानीय आदिवासी समुदाय की सेवा कर रहा है। इस परिसर को अब आवासीय छात्रावास में परिवर्तित कर दिया गया है।
इस नई पहल के तहत 150 से अधिक आदिवासी छात्र-छात्राएं इस परिसर में रहते हुए अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों से आने वाले बच्चों के लिए यह सुविधा उनके शिक्षार्थी जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पूर्व सैन्य बुनियादी ढांचे का इस तरह का पुनरुपयोग क्षेत्र के विकास में एक सार्थक योगदान साबित हो रहा है।
यह कदम सुरक्षा चिंताओं को कम करते हुए सामाजिक विकास को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस परिसर की स्थापना से बस्तर के दूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आदिवासी परिवारों में बच्चों को स्कूल भेजने की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है।