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बेल्जियम के किसान ने 26 साल में एक बूंद पानी भी न दिया, मिट्टी बनी रही नम

बेल्जियम के एक प्रगतिशील किसान ने सिंचाई के बिना दो दशक से अधिक समय तक खेती करने का सफल प्रयोग किया है। जैविक खेती की पद्धतियों ने उनकी मिट्टी को स्वस्थ और नमी संरक्षण क्षमता से लैस रखा है।

LSN India · 28 August 2026

बेल्जियम के किसान ने 26 साल में एक बूंद पानी भी न दिया, मिट्टी बनी रही नम

बेल्जियम के डिडेरिक स्टेयार्ट ने सिंचाई के बिना 26 वर्षों से अधिक समय तक सफलतापूर्वक खेती करते आ रहे हैं। उनका यह प्रयोग पारंपरिक कृषि पद्धतियों को चुनौती देते हुए पानी संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है।

स्टेयार्ट की सफलता का मुख्य आधार जैविक खेती की प्रणाली है। वे गहरी खुदाई न करके और भूमि में जैविक पदार्थों का समावेश करके मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखते हैं। इस पद्धति से जहां मिट्टी की संरचना सुदृढ़ होती है, वहीं उसकी नमी धारण क्षमता भी अधिक रहती है। सतह से महज 5 से 10 सेंटीमीटर नीचे ही उन्हें पर्याप्त नमी मिल जाती है।

इस विधि के अंतर्गत जैविक पदार्थ मिट्टी में जल संरक्षण की क्षमता को बढ़ाते हैं और पौधों को कठोर परिस्थितियों में अनुकूल बनाते हैं। परिणामस्वरूप उनकी फसलें सूखे और जलभराव दोनों को सहन करने में सक्षम रहती हैं।

स्टेयार्ट का यह कृषि मॉडल जल-सीमित क्षेत्रों में कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है। जलवायु परिवर्तन के दौर में, जब पानी की कमी एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है, ऐसी टिकाऊ कृषि पद्धतियां कृषक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकती हैं।