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उत्तरी समुद्र में बेल्जियम बना रहा दुनिया का पहला कृत्रिम ऊर्जा द्वीप
बेल्जियम उत्तरी समुद्र में 23 कंक्रीट ब्लॉक डुबोकर दुनिया का पहला कृत्रिम ऊर्जा द्वीप बना रहा है। यह 7 अरब यूरो की महत्वाकांक्षी परियोजना 2030 तक परिचालन शुरू करेगी।
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बेल्जियम ने उत्तरी समुद्र में एक अभूतपूर्व ऊर्जा परियोजना का निर्माण शुरू किया है जिसमें 23 कंक्रीट ब्लॉक समुद्र में डाले गए हैं। इस कृत्रिम द्वीप को विकसित करने की परियोजना की लागत लगभग 7 अरब यूरो है और यह तकनीकी रूप से अपनी तरह का पहला है।
यह संरचना समुद्र के अपतटीय पवन ऊर्जा फार्मों से उत्पन्न विद्युत को एकत्रित करेगी और उसे तटीय इलाकों तक पहुंचाएगी। परियोजना का डिजाइन पर्यावरण के अनुकूल है और समुद्री जीवन तथा पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष विचार किए गए हैं।
नागरिक अभियांत्रिकी कार्य लगभग पूरा हो चुका है, किंतु विद्युत बुनियादी ढांचे की स्थापना 2030 तक जारी रहेगी। परियोजना के 2030 के आसपास पूरी तरह से परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
यह परियोजना यूरोपीय संघ के देशों के बीच विद्युत आदान-प्रदान को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती है। बेल्जियम की यह पहल अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।