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बिहार से बंगाल के बुक्सा रिजर्व में बाघिन की वापसी, 8 साल बाद गर्जना फिर सुनाई देगी

तीन साल की एक बाघिन को बुक्सा टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया है। यह 8 साल में रिजर्व में बाघ की पहली वापसी है।

LSN India · 2 October 2026

बिहार से बंगाल के बुक्सा रिजर्व में बाघिन की वापसी, 8 साल बाद गर्जना फिर सुनाई देगी

बंगाल के बुक्सा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ की उपस्थिति दर्ज होगी। बिहार से लाई गई तीन साल की एक बाघिन को आधिकारिक तौर पर रिजर्व में छोड़ा गया है। यह कदम आठ साल के बाद इस क्षेत्र में बाघ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

इस बाघिन को रिजर्व में छोड़ने का अनुष्ठान केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में संपन्न हुआ। दोनों नेताओं ने इस पहल को वन्यजीव संरक्षण में एक सार्थक कदम बताया।

बुक्सा टाइगर रिजर्व, जो पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में स्थित है, देश के महत्वपूर्ण बाघ आरक्षण क्षेत्रों में से एक है। इस बाघिन की वापसी रिजर्व की जैव विविधता को समृद्ध करने और बाघ आबादी को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

बंगाल सरकार और केंद्रीय वन विभाग के द्वारा बाघ संरक्षण कार्यक्रमों को त्वरित किया जा रहा है ताकि इन दुर्लभ प्रजातियों की संख्या में वृद्धि हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्स्थापन परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाघ संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है।