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बेंगलुरु में बंगाली मजदूरों का चुनावी मतदाता दर्जा अनिश्चित, कर्ज का बोझ

बेंगलुरु में कार्यरत पश्चिम बंगाल के तीन हजार से अधिक मजदूर चुनावी मतदाता के रूप में स्वीकृति के लिए भटक रहे हैं। दस्तावेजी विसंगतियों के कारण हजारों मजदूर कानूनी प्रक्रिया में फंसे हुए हैं, जबकि वे आय की हानि और कर्ज का भार उठा रहे हैं।

LSN India · 15 October 2026

बेंगलुरु में बंगाली मजदूरों का चुनावी मतदाता दर्जा अनिश्चित, कर्ज का बोझ

बेंगलुरु में काम करने वाले बंगाली मजदूरों के लिए चुनावी अधिकार पाना एक लंबी और अनिश्चित प्रक्रिया बन गई है। कर्नाटक बंगाली कल्याण समिति के अनुसार, पश्चिम बंगाल से आए 3,500 से अधिक मजदूर वर्तमान में दस्तावेजी विसंगतियों के कारण कानूनी जांच के दायरे में हैं। इन मजदूरों को मतदाता सूची में शामिल होने के लिए विभिन्न प्रशासनिक और न्यायिक सुनवाई का सामना करना पड़ रहा है।

यह समस्या केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं है। लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान इन मजदूरों को महत्वपूर्ण आय का नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई मजदूरों को अपनी कानूनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कर्ज लेना पड़ा है, जिससे उनका वित्तीय बोझ और बढ़ गया है।

मतदाता दर्जे के प्रश्न पर स्पष्टता की कमी भी इन मजदूरों को परेशान कर रही है। कर्नाटक बंगाली कल्याण समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो हजारों मजदूर अपने मौलिक चुनावी अधिकार से वंचित रह सकते हैं।

इस स्थिति के समाधान के लिए प्रशासनिक सरलीकरण और त्वरित निपटान की तत्काल आवश्यकता है। बेंगलुरु में कार्यरत ये मजदूर न केवल आर्थिक योगदान दे रहे हैं, बल्कि भारतीय नागरिकों के रूप में उनके संवैधानिक अधिकारों की स्वीकृति की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।