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बेंगलुरु के आवरे मेले ने 25 साल में खाद्य अपव्यय को रोकने का मिशन पूरा किया
बेंगलुरु का आवरे मेला एक छोटे से कार्यक्रम से विशाल खाद्य उत्सव में तब्दील हो गया है, जिसमें अब 500 से अधिक किसान भाग लेते हैं। पिछले संस्करण में इस मेले में लगभग 4 लाख लोगों की भीड़ उमड़ी थी।
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बेंगलुरु का आवरे मेला अब अपने 25वें संस्करण तक पहुंच गया है, जहां यह एक साधारण पहल से शहर के सबसे बड़े खाद्य महोत्सवों में से एक के रूप में विकसित हुआ है। मेले की शुरुआत मात्र चार किसानों के साथ हुई थी, जिनका लक्ष्य खाद्य अपव्यय को रोकना था। आज यह अनाज के महत्व को समझाने और स्थानीय कृषि को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
पिछले संस्करण में मेले का आकार काफी बड़ा हो गया, जिसमें लगभग 4 लाख आगंतुक उपस्थित हुए थे। इस वर्ष 500 से अधिक किसान अपनी फसलें और कृषि उत्पाद लेकर आए थे, जो मेले के विस्तार को दर्शाता है। यह वृद्धि न केवल आगंतुकों की संख्या में बल्कि किसानों की भागीदारी में भी स्पष्ट है।
आवरे मेला खाद्य सुरक्षा और पोषण के मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से शहरवासियों को स्थानीय और पारंपरिक अनाजों के साथ परिचित कराया जाता है। मेला कृषकों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है, जिससे बिचौलिये हटते हैं और किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।
इस त्योहार की सफलता इस बात को दर्शाती है कि खाद्य अपव्यय को कम करने की पहल और स्थानीय कृषि को समर्थन देने की जिम्मेदारी समाज के सभी वर्गों को एक साथ ला सकती है। आवरे मेला अब केवल एक बाजार नहीं रह गया है, बल्कि यह पारंपरिक कृषि और आधुनिक शहरी उपभोक्ता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बन गया है।