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बेंगलुरु में गरीब परिवारों पर हर महीने 3,000 रुपये पानी का बोझ
बेंगलुरु शहर में भूजल का दोहन उसके पुनर्भरण दर से लगभग दोगुना हो रहा है। साथ ही, पाइप वाले पानी की रोजाना 400 करोड़ लीटर बर्बादी हो रही है।
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बेंगलुरु में एक ऑडिट रिपोर्ट ने शहर के जल संकट की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को पीने के पानी के लिए हर महीने लगभग 3,000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
वाटर सत्याग्रह अभियान के संयोजक सैयद अहमद हुसैन ने शहर की जल प्रबंधन व्यवस्था में बड़ी खामियों की ओर ध्यान दिलाया है। उनके अनुसार, बेंगलुरु भूजल का दोहन उस दर से करीब दो गुना अधिक कर रहा है जितनी गति से यह प्राकृतिक रूप से पुनः भरा जाता है।
जल वितरण प्रणाली की दक्षता में भी भारी कमी देखी जा रही है। पाइप के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव के कारण रोजाना 400 करोड़ लीटर तक बर्बाद हो जाता है। यह स्थिति शहर के जल संसाधन पर अतिरिक्त दबाव बनाती है।
यह स्थिति विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए चिंताजनक है, जहां आवश्यक पेयजल की कमी के कारण परिवारों को निजी स्रोतों से पानी खरीदना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की जल प्रबंधन नीति में तुरंत सुधार आवश्यक है।