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मौद्रिक नीति पर बेसेंट और वॉर्श में मतभेद

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति निर्धारण के तरीके को लेकर दो प्रमुख अर्थनीति विशेषज्ञों के बीच गहरा मतभेद सामने आया है। वॉर्श बाजार को अधिक भूमिका देने के पक्षधर हैं, जबकि बेसेंट पारंपरिक हस्तक्षेप के समर्थक हैं।

LSN India · 27 August 2026

मौद्रिक नीति पर बेसेंट और वॉर्श में मतभेद

मुद्रा बाजार के मूल्य निर्धारण को लेकर वित्तीय विशेषज्ञों के बीच एक महत्वपूर्ण विभाजन दिख रहा है। केंद्रीय बैंकिंग नीति के संचालन पर विचार करने वाले दो प्रभावशाली अर्थशास्त्रियों की दृष्टिकोण में उल्लेखनीय अंतर है।

केविन वॉर्श का मत है कि केंद्रीय बैंकों को अपनी संचार नीतियों में से कुछ को वापस लेना चाहिए और बाजार की शक्तियों को अधिक महत्व देना चाहिए। उनका तर्क है कि स्वतंत्र बाजार तंत्र ही ब्याज दरों का सबसे प्रभावी निर्धारक हो सकते हैं।

दूसरी ओर, स्कॉट बेसेंट का दृष्टिकोण अधिक सक्रिय है। वे मानते हैं कि केंद्रीय बैंकों को विभिन्न नीतिगत उपकरणों का उपयोग करके मौद्रिक प्रणाली को नियंत्रित करना चाहिए। उनके अनुसार, सुव्यवस्थित हस्तक्षेप ही आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है।

यह विवाद केवल तकनीकी बहस नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक आर्थिक नीति पर पड़ता है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस तरह की नीतिगत दिशाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को भी प्रभावित करती हैं।