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भूटान के हिमालय में 17 खतरनाक हिमनद झीलों का छिपा संकट
भूटान के पर्वतीय क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती हिमनद झीलें एक गंभीर खतरा बन गई हैं। आबादी वाले इलाकों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं के पास स्थित ये झीलें विनाशकारी बाढ़ का कारण बन सकती हैं।
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भूटान के हिमालयी क्षेत्र में 17 ऐसी हिमनद झीलें चिन्ह्नित की गई हैं जो संभावित खतरे का संकेत देती हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण तेजी से पिघलते ग्लेशियरों ने इन झीलों का निर्माण किया है जो अब विस्तार पा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन झीलों के बांध टूटें तो विनाशकारी बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
भूटान के लिए यह समस्या विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि नदी घाटियों के किनारे घनी आबादी वाले क्षेत्र, महत्वपूर्ण सड़कें, कृषि भूमि और जलविद्युत संरचनाएं स्थित हैं। ये सभी बुनियादी ढांचे किसी भी प्रमुख बाढ़ की घटना से गंभीर नुकसान का सामना कर सकते हैं। राष्ट्रीय जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा जलविद्युत उत्पादन पर निर्भर है, जो इस जोखिम को और भी अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
भूटान सरकार ने इन हिमनद झीलों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए कदम उठाए हैं। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बढ़ती संख्या में खतरनाक झीलों ने दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता को रेखांकित किया है। आने वाले वर्षों में भूटान को इस प्राकृतिक खतरे से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन और उन्नत तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी।