LSN News › India

Politics · India Bureau

UPI शुल्क से बचने के लिए बिल स्प्लिट ऐप्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है

डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क से बचने के लिए कुछ उपयोगकर्ता बिल स्प्लिट ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ऐप बड़े लेनदेन को 1,999 रुपये से कम की छोटी राशियों में विभाजित करने का दावा करते हैं।

LSN India · 21 September 2026

UPI शुल्क से बचने के लिए बिल स्प्लिट ऐप्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है

डिजिटल भुगतान प्रणाली में बढ़ते शुल्क के बीच एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर बिल स्प्लिट ऐप्लिकेशन की चर्चा तेजी से बढ़ रही है, जो बड़े UPI लेनदेन को कई छोटे हिस्सों में बांटने का दावा करते हैं। इन ऐप्स के अनुसार, 1,999 रुपये तक की राशियों पर शुल्क नहीं लगता है, इसलिए लेनदेन को इसी सीमा से कम के भागों में विभाजित किया जाता है।

ये ऐप्लिकेशन विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर उपलब्ध हैं और उपयोगकर्ताओं को पेमेंट प्रक्रिया को सरल बनाने का वादा करते हैं। हालांकि, इन ऐप्स की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऐप्स का उपयोग करना जोखिम भरा हो सकता है। डेटा सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और धोखाधड़ी जैसे मामलों में ये ऐप्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। अधिकांश ऐप्स की कानूनी स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।

भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को विनियमित करने वाली संस्थाएं ऐसे तरीकों के विरुद्ध सतर्क रहती हैं जो शुल्क से बचने के लिए सिस्टम को दरकिनार करते हैं। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि किसी भी अज्ञात ऐप्लिकेशन पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता और सुरक्षा मानकों की जांच करें।