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चक फीनी का विचार: पैसे की सीमा होती है, सब कुछ खरीदा नहीं जा सकता

प्रसिद्ध परोपकारी और व्यवसायी चक फीनी ने कहा है कि धन के प्रति उनका दृष्टिकोण व्यावहारिक है। उनके अनुसार, एक निश्चित सीमा के बाद अतिरिक्त धन का कोई खास महत्व नहीं रह जाता।

LSN India · 3 September 2026

चक फीनी का विचार: पैसे की सीमा होती है, सब कुछ खरीदा नहीं जा सकता

अरबपति दान दाता चक फीनी ने अपने जीवन दर्शन को साझा करते हुए कहा है कि धन केवल एक साधन है, साध्य नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह पैसे को नापसंद नहीं करते, लेकिन यह मानते हैं कि हर व्यक्ति के लिए एक निश्चित राशि के बाद अतिरिक्त धन की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

फीनी का यह दृष्टिकोण उनके जीवन के फैसलों में स्पष्ट दिखाई देता है। वह दशकों से समाज कल्याण और शिक्षा में बड़ी रकम दान कर रहे हैं। उनका मानना है कि अतिरिक्त संपत्ति को समाज के विकास के लिए लगाना ही सार्थक है।

इस तरह का सोच रखने वाले फीनी न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि एक विचारशील परोपकारी भी हैं। उनका संदेश यह है कि आर्थिक सफलता का अर्थ केवल धन जमा करना नहीं, बल्कि उसे सार्थक कार्यों में लगाना चाहिए।