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दुनिया के सबसे अमीर लोग अपनी संपत्ति बच्चों को नहीं दे रहे हैं
मार्क जुकरबर्ग और वारेन बफेट जैसे प्रमुख अरबपति अपनी विशाल दौलत अपने बच्चों को देने से इनकार कर रहे हैं। ये धनवान व्यक्तित्व दान और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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दुनिया के कुछ सबसे धनी व्यक्तित्व अपनी अरबों डॉलर की संपत्ति को अगली पीढ़ी को हस्तांतरित न करने का फैसला ले रहे हैं। ये अभिजात वर्ग अपने बच्चों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में विश्वास करते हैं और मानते हैं कि विरासत के बजाय स्वतंत्रता अधिक मूल्यवान है।
मार्क जुकरबर्ग और वारेन बफेट सहित छह प्रमुख अरबपति इसी विचारधारा को अपनाते हुए अपनी संपत्ति समाज के कल्याण के लिए दान करने का संकल्प ले चुके हैं। ये धनवान व्यक्तित्व मानते हैं कि दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए परोपकार और सामाजिक हित अधिक महत्वपूर्ण हैं।
आने वाले दो दशकों में विश्व स्तर पर विशाल संपत्ति का हस्तांतरण होने की प्रत्याशा है। लेकिन ये अग्रणी अरबपति धन बस हस्तांतरित करने से अलग रास्ता चुन रहे हैं और अपनी दौलत को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सामाजिक क्षेत्रों में निवेश करने में विश्वास रखते हैं।
यह प्रवृत्ति परिवार के धन को संरक्षित रखने की परंपरागत सोच से एक महत्वपूर्ण विचलन दर्शाती है। इन धनवान व्यक्तियों का तर्क है कि व्यक्तिगत उपलब्धि और मेहनत से अर्जित सफलता विरासत में मिली दौलत से अधिक मूल्यवान और अर्थपूर्ण होती है।