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लखनऊ में त्रासदी के बीच जन्मी नई जान, पिता की मृत्यु के घंटों बाद बेटी का आगमन
गणपति विसर्जन के दौरान सई नदी में डूबने से हरिप्रसाद की मृत्यु हुई. पति की चिता के ठंडे होने से पहले ही उनकी पत्नी श्यामावती ने मध्यरात्रि में एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया.
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लखनऊ में एक परिवार को जीवन और मृत्यु की पीड़ा एक ही दिन में झेलनी पड़ी. बुधवार को गणपति विसर्जन समारोह के दौरान सई नदी में एक व्यक्ति डूब गया. यह व्यक्ति स्थानीय निवासी हरिप्रसाद था, जिसकी मृत्यु के बाद उनके परिवार में गहरा दुःख छा गया.
हरिप्रसाद की पत्नी श्यामावती उस समय गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में थीं. पति की अचानक मृत्यु से घर में शोक की पृष्ठभूमि बनी, किंतु प्रकृति के सामने मानवीय दुःख फीका पड़ गया. बुधवार की दोपहर को जब हरिप्रसाद की अंत्येष्टि की तैयारियां चल रही थीं, तब रात के करीब 12 बजे श्यामावती के प्रसव पीड़ा शुरू हुईं.
अर्थी के विदा होने के कुछ ही घंटों बाद, उसी घर में नवजात की रुदन सुनाई दी. श्यामावती ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया. परिवार के सदस्य इस घटनाक्रम से आवेगविह्वल हो गए - एक तरफ पिता की अचानक मृत्यु का सदमा और दूसरी तरफ नई जिंदगी का आगमन.
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में मां और शिशु दोनों की स्वास्थ्य देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है. परिवार के अनुसार मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने शहर में जीवन की क्षणभंगुरता और अनिश्चितता का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है.