LSN News › India

Politics · India Bureau

खनन कानून संशोधन से ओडिशा को भारी नुकसान, राष्ट्रपति से मदद की अपील

बीजू जनता दल ने 2026 के खनिज और खनन संशोधन अधिनियम के खिलाफ राष्ट्रपति का हस्तक्षेप मांगा है। पार्टी का दावा है कि इस कानून से ओडिशा को देय राशि में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा।

LSN India · 9 September 2026

खनन कानून संशोधन से ओडिशा को भारी नुकसान, राष्ट्रपति से मदद की अपील

ओडिशा की प्रमुख राजनीतिक पार्टी बीजू जनता दल ने केंद्र सरकार के खनिज और खनन संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों को रद्द करने के लिए राष्ट्रपति का हस्तक्षेप मांगा है। पार्टी का अनुमान है कि यह संशोधन राज्य के लिए वित्तीय रूप से विनाशकारी साबित होगा।

बीजेडी के अनुसार, प्रस्तावित कानून के तहत ओडिशा को बकाया राशि में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा, राज्य को वार्षिक राजस्व में लगभग 12,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त क्षति झेलनी पड़ेगी। यह नुकसान ओडिशा की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जो खनन क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर करती है।

खनन और खनिज संसाधनों के संदर्भ में ओडिशा देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। लौह अयस्क, मैंगनीज, कोयला और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार के लिए ओडिशा प्रसिद्ध है। राज्य का खनन क्षेत्र सरकारी राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है।

बीजेडी का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह संशोधन अधिनियम राज्य के हितों के विरुद्ध है और इससे ओडिशा के विकास कार्यक्रमों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। राजनीतिक दल ने संशोधन की समीक्षा और रद्दीकरण की मांग करते हुए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की याचना की है।