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चुनाव आयोगों के बीच संवाद लोकतंत्र की सशक्तता दर्शाता है: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची समीक्षा प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रक्रिया की कानूनी वैधता को कई बार स्वीकृति दी है।
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भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोगों के बीच संवाद को लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती का प्रमाण बताया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न चुनाव आयोगों के मध्य नियमित संचार भारतीय लोकतंत्र के कार्यकरण को दर्शाता है।
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए भाजपा ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी है। पार्टी के अनुसार, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रणाली की संवैधानिकता और वैधता को एक से अधिक बार स्वीकार किया है।
भाजपा का मानना है कि चुनाव आयोगों के बीच सामंजस्यपूर्ण कार्य व्यवस्था राष्ट्रीय चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। पार्टी ने जोर दिया कि ऐसी अंतः-संस्थागत संवाद व्यवस्था स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है।
भाजपा के इस बयान से पहले विपक्षी दलों ने मतदाता सूची समीक्षा प्रक्रिया को चुनावों में हेरफेर का माध्यम बताया था। हालांकि, पार्टी का दावा है कि न्यायालय के समर्थन से इन आरोपों की कोई आधार नहीं है।