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चुनाव से पहले भाजपा का 'ड्रग मुक्त पंजाब' अभियान, दलित की मौत पर विवाद
पंजाब में भाजपा एक नई पहल शुरू करने जा रही है जो राज्य में नशीली दवाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान है। यह कदम एक दलित गांववासी की मौत के बाद उठाया जा रहा है, जिसके कारण राजनीतिक विवाद भड़क गया है।
LSN India ·

पंजाब में भाजपा एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है जिसका लक्ष्य राज्य को नशीली दवाओं से मुक्त करना है। यह पहल आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है और राज्य में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त करने की कोशिश का हिस्सा है।
अभियान की घोषणा एक संवेदनशील समय पर आई है। हाल ही में एक दलित गांववासी की मौत हुई है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को राज्य में सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति के बारे में सवाल उठाने के कारण दबाव में था। उसे माना जाता है कि उस पर खुद को माफ कहलवाने का दबाव डाला जा रहा था।
इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विरोधी पक्षों ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। भाजपा का नई पहल इसी संदर्भ में भारी राजनीतिक महत्व रखती है क्योंकि यह नशीली दवाओं की समस्या के प्रति सरकार की गंभीरता प्रदर्शित करने का प्रयास है।
'ड्रग मुक्त पंजाब' अभियान के तहत राज्य में नशीली दवाओं के खिलाफ एक सर्वव्यापी कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं को शिक्षित करने की पहल और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल हो सकता है। यह अभियान भाजपा के बृहत्तर चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।