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सदन समिति प्रमुख ने कहा - मोदी सरकार की ओबीसी कल्याण प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाना चाहते
भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि पद समानता और आय परीक्षण के समान आवेदन को लेकर उठाई गई आशंकाएं दो केंद्रीय मंत्रालयों के बीच अटकी हुई हैं। सरकार की ओबीसी कल्याण योजनाओं के प्रति प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं है।
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भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद और सदन की एक प्रमुख समिति के अध्यक्ष ने सोमवार को स्पष्ट किया कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित मुद्दों को उठाते समय उनका अभिप्राय मोदी सरकार की अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना नहीं है।
सिंह ने कहा कि ओबीसी समुदाय के लिए आरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर कई तकनीकी मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाने की आवश्यकता है। इसमें सरकारी पदों की समानता स्थापित करने का प्रश्न और आय परीक्षण के मानदंडों को समान रूप से लागू करने का विषय शामिल है।
उन्होंने बताया कि ये मुद्दे वर्तमान में दो केंद्रीय मंत्रालयों के बीच समन्वय की कमी के कारण अटके हुए हैं। दोनों मंत्रालयों को इन प्रशासनिक जटिलताओं को सुलझाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि ओबीसी समुदाय को उचित लाभ मिल सके।
सांसद का मानना है कि इन तकनीकी बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आरक्षण नीति का लाभ पूरी तरह से ओबीसी वर्ग तक पहुंचे और सभी योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिले।