Politics · India Bureau
छात्रों की चिंताओं को सुनें, बल प्रयोग न करें: मुरली मनोहर जोशी
वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि संविधान का उल्लंघन होने पर सर्वोच्च न्यायालय को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने छात्र आंदोलनों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए हैं।
LSN India ·

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के बजाय उनकी चिंताओं को सुनने का आह्वान किया है। जोशी के अनुसार, यदि इस प्रक्रिया में संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन होता है, तो सर्वोच्च न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों, विशेषकर छात्रों के विचारों को महत्व दिया जाना चाहिए।
जोशी का यह बयान तब आया है जब देश के कई भागों में छात्र आंदोलन चल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध व्यक्त करने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है और इसे दबाया नहीं जाना चाहिए। उनके अनुसार, संवाद और समझ के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान संभव है।
जोशी ने सरकार से अपेक्षा की है कि वह छात्रों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करे और उनकी वैध मांगों पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात कहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ने का अधिकार देता है। इसी कारण, प्रशासन को छात्र आंदोलनकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से बचना चाहिए।