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उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव

उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की राजनीतिक पसंद में बदलाव आ रहा है। जहां बसपा अभी भी इस वर्ग में सबसे लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है, वहीं भाजपा खासकर गैर-जाटव दलितों के बीच अपनी जमीन मजबूत कर रही है।

LSN India · 23 September 2026

उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव

उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित समुदाय की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। राज्य के चुनावी परिदृश्य में इस वर्ग के मतदाताओं की पसंद निर्धारक साबित हो सकती है और विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित कर रही है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) परंपरागत रूप से दलित मतदाताओं के बीच सबसे मजबूत आधार बनाए हुए है। पार्टी की स्थापना से ही यह समुदाय इसका मुख्य वोट बैंक रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में इस पारंपरिक गठजोड़ में कुछ परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दलित मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को धीरे-धीरे मजबूत कर रही है। विशेषकर गैर-जाटव दलितों के बीच भाजपा की राजनीतिक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। यह प्रवृत्ति पिछली कुछ चुनावी प्रक्रियाओं में स्पष्ट होकर सामने आई है।

दलित समुदाय के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग राजनीतिक झुकाव मौजूद हैं। सामाजिक और आर्थिक कारकों के साथ-साथ स्थानीय राजनीति भी इस समुदाय के वोटिंग पैटर्न को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में दलित समुदाय की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।