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नोआखली, चटगांव और सिलहट को 'पुनः प्राप्त' करने का समय आ गया: निशिकांत दुबे

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया है कि 1946 की अंतरिम सरकार में मुस्लिम लीग का समर्थन हासिल करने के लिए इन तीनों क्षेत्रों को पूर्वी पाकिस्तान के लिए छोड़ने का निर्णय लिया गया था।

LSN India · 6 November 2026

नोआखली, चटगांव और सिलहट को 'पुनः प्राप्त' करने का समय आ गया: निशिकांत दुबे

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नोआखली, चटगांव और सिलहट क्षेत्रों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। दुबे का कहना है कि भारत को इन तीनों क्षेत्रों को 'पुनः प्राप्त' करने का समय आ गया है, जो अब बांग्लादेश का हिस्सा हैं।

सांसद के अनुसार, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1946 की अंतरिम सरकार के दौरान मुस्लिम लीग का राजनीतिक समर्थन प्राप्त करने के लिए इन क्षेत्रों को पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) को सौंपने का निर्णय लिया था। दुबे का तर्क है कि यह निर्णय राजनीतिक सुविधा के कारण लिया गया था।

भारत-बांग्लादेश सीमा से संबंधित यह मुद्दा विभाजन के समय से ही विवादास्पद रहा है। नोआखली, चटगांव और सिलहट के क्षेत्रों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। भारतीय राजनीतिक वर्ग के विभिन्न सदस्यों द्वारा समय-समय पर इन क्षेत्रों को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण व्यक्त किए जाते रहे हैं।

दुबे का यह बयान भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में उल्लेखनीय है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और ऐतिहासिक प्रश्नों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग विचार हैं। इस तरह के बयान क्षेत्रीय राजनीति में चल रही बहस को परिलक्षित करते हैं।